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मौसम के हिसाब से कैसे चà¥à¤¨à¥‡à¤‚ शिशॠकी मालिश के लिठतेल
कहते हैं कि बचà¥â€à¤šà¥‡ की रोज तेल मालिश करनी चाहिà¤à¥¤ इससे उसकी तà¥â€à¤µà¤šà¤¾ सà¥â€à¤µà¤¸à¥â€à¤¥ और मà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤® रहती है। लेकिन कà¥â€à¤¯à¤¾ आप ये जानते हैं कि शिशॠकी किस तेल से मालिश करनी चाहिà¤à¥¤
baby massage
शिशॠके विकास और उसके बालों à¤à¤µà¤‚ शरीर काे मजबूती देने के लिठमालिश बहà¥à¤¤ जरूरी होती है। आप शिशॠकी मालिश में कई तरह के तेलों का इसà¥â€à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कर सकती हैं। ये शिशॠकी नाजà¥à¤• तà¥â€à¤µà¤šà¤¾ को पोषण देते हैं और मांसपेशियों à¤à¤µà¤‚ हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को मजबूती देते हैं।
शिशॠकी तेल मालिश करने के फायदे
बेबी मसाज से बचà¥â€à¤šà¥‡ को कई तरह के लाठमिलते हैं जैसे कि मालिश से बचà¥â€à¤šà¤¾ सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ महसूस करता है और कम रोता है। इससे शिशॠके शरीर में गरमाई आती है। मालिश से हाथ और पैरों में रकà¥â€à¤¤ पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ तेज होता है। मालिश से पाचन ठीक होता है और कबà¥â€à¤œ दूर होती है।
तेल मालिश से शरीर को आराम मिलता है और अचà¥â€à¤›à¥€ नींद आती है। पà¥à¤°à¥€à¤®à¥ˆà¤šà¥â€à¤¯à¥‹à¤° बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ का मालिश करने से वजन बढता है, हारà¥à¤Ÿ रेट संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ रहती है और दिमाग à¤à¥€ बेहतर काम करता है।
शिशॠकी सरसों के तेल से करेंगी मालिश तो हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ होंगी मजबूत, जान लें मालिश का तरीका
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सरसों का तेल रकà¥â€à¤¤ पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ को बेहतर करता है और शिशॠकी संपूरà¥à¤£ सेहत में सà¥à¤§à¤¾à¤° लाता है। शिशॠकी रोज मालिश करने से शरीर सà¥â€à¤µà¤¸à¥â€à¤¥ और मजबूत बनता है। इसके अलावा शरीर में गरमाई रखने में सरसों का तेल बहà¥à¤¤ मदद करता है। यही वजह है कि ठंड के मौसम और ठंडे इलाकों में शिशॠको गरम रखने के लिठसरसों के तेल का ही इसà¥â€à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जाता है।
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लहसà¥à¤¨ की कà¥à¤› कलियां लें और उसे सरसों के तेल में डालकर हलà¥â€à¤•ा गरà¥à¤® कर लें। अब तेल के थोड़ा ठंडा होने पर शिशॠकी छाती पर लगाà¤à¤‚। इस तरह शिशॠमें खांसी और जà¥à¤•ाम को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इसमें आप लहसà¥à¤¨ की जगह तà¥à¤²à¤¸à¥€ की पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ à¤à¥€ डाल सकते हैं।
सरसों के तेल में à¤à¤‚टीफंगल और à¤à¤‚टीबैकà¥â€à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² गà¥à¤£ होते हैं। इससे मालिश करने पर बचà¥â€à¤šà¥‡ को तà¥â€à¤µà¤šà¤¾ संकà¥à¤°à¤®à¤£ से सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ मिलती है। सरसों का तेल शिशॠको कई तरह के सà¥à¤•िन इंफेकà¥â€à¤¶à¤¨ से बचाने में मदद करता है।
शिशॠके बालों की गà¥à¤°à¥‹à¤¥ में सà¥à¤§à¤¾à¤° के लिठसरसों का तेल बहà¥à¤¤ असरकारी होता है। रोज बालों और सिर की इस तेल से मालिश करने से बालों की गà¥à¤°à¥‹à¤¥ अचà¥â€à¤›à¥€ होती है।
सरसों का तेल बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को मचà¥â€à¤›à¤°à¥‹à¤‚ के काटने से à¤à¥€ बचाता है। इस तेल की तेज गंध शिशॠको मचà¥â€à¤›à¤°à¥‹à¤‚ से दूर रखती है।
सरसों के तेल में कई à¤à¤‚टीबैकà¥â€à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² गà¥à¤£ मौजूद हैं और यही वजह है कि इस तेल की मालिश से बचà¥â€à¤šà¥‡ की सà¥à¤•िन सà¥â€à¤µà¤¸à¥â€à¤¥ रहती है और तà¥â€à¤µà¤šà¤¾ पर किसी तरह का कोई संकà¥à¤°à¤®à¤£ नहीं होता है।
शिशॠको अकà¥â€à¤¸à¤° फंगल इंफेकà¥â€à¤¶à¤¨ हो जाता है जाे कि बहà¥à¤¤ परेशानी पैदा करता है। अगर आप अपने बचà¥â€à¤šà¥‡ की सरसों के तेल से मालिश करते हैं तो फंगल इंफेकà¥â€à¤¶à¤¨ का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है।
आप शिशॠको इस तेल का जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ से जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ लाठदिलाने के लिठनिमà¥â€à¤¨ तरीकों से पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— कर सकते हैं।
पहले तेल को उबाल लें और फिर उसे ठंडा कर के à¤à¤• बोतल में à¤à¤° लें। नहाने से पहले रोज इस तेल से शिशॠके सिर और शरीर की मसाज करें।आप चाहें तो इसà¥â€à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² से कà¥à¤› मिनट पहले आवशà¥â€à¤¯à¤•तानà¥à¤¸à¤¾à¤° तेल गरà¥à¤® कर के à¤à¥€ पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— कर सकती हैं।सरसों के तेल में अजवाइन उबालकर उसे ठंडा होने दें। अब इसे तेल से शिशॠकी मालिश करें।आप सरसों के तेल में लहसà¥à¤¨ की कलियां या तà¥à¤²à¤¸à¥€ की पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ डालकर à¤à¥€ गरà¥à¤® करके इसà¥â€à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कर सकती हैं।
गरà¥à¤®à¥€ के मौसम में मसाज ऑयल
गरà¥à¤®à¥€ में ठंडक देने के लिठनारियल तेल से मालिश कर सकती हैं। इसे सà¥à¤•िन आसानी से सोख लेती है। कोकोनट ऑयल में à¤à¤‚टीफंगल और à¤à¤‚टीबैकà¥â€à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² गà¥à¤£ होते हैं जो बचà¥â€à¤šà¥‡ की तà¥â€à¤µà¤šà¤¾ के लिठबहà¥à¤¤ अचà¥â€à¤›à¥‡ हैं।
इसके अलावा गरà¥à¤®à¥€ में तिल का तेल à¤à¥€ शिशॠके लिठबहà¥à¤¤ बढ़िया होता है। इससे शिशॠकी हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को मजबूती मिलती है।
सरà¥à¤¦à¥€ के मौसम के लिठमसाज ऑयल
ठंड के मौसमें नीचे बताठगठऑयलà¥â€à¤¸ से शिशॠकी मालिश करनी चाहिठ:
सरसों का तेल : सरà¥à¤¦à¥€ में सरसों का तेल बहà¥à¤¤ फायदेमंद होता है। इसमें आप कोई दूसरा तेल मिलाकर à¤à¥€ मसाज कर सकते हैं। Mustard Oil for baby massage
ऑलिव ऑयल : शिशॠकी सà¥à¤•िन को पोषण देने और मà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤® रखने के लिठआप इस तेल की मदद ले सकते हैं। सेंसिटिव सà¥à¤•िन या सà¥à¤•िन पà¥à¤°à¥‰à¤¬à¤²à¤®à¥â€à¤¸ होने पर ऑलिव ऑयल का इसà¥â€à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² न करें।
बादाम का तेल : आप किसी à¤à¥€ मौसम में शिशॠकी मालिश के लिठबादाम तेल का इसà¥â€à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कर सकती हैं। बादाम का तेल विटामिन ई से यà¥à¤•à¥â€à¤¤ होता है। इससे तà¥â€à¤µà¤šà¤¾ नरम और मà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤® रखता है। Almond Oil for baby massage
शिशॠकी सरसों के तेल से करेंगी मालिश तो हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ होंगी मजबूत, जान लें मालिश का तरीका
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सरसों का तेल रकà¥â€à¤¤ पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ को बेहतर करता है और शिशॠकी संपूरà¥à¤£ सेहत में सà¥à¤§à¤¾à¤° लाता है। शिशॠकी रोज मालिश करने से शरीर सà¥â€à¤µà¤¸à¥â€à¤¥ और मजबूत बनता है। इसके अलावा शरीर में गरमाई रखने में सरसों का तेल बहà¥à¤¤ मदद करता है। यही वजह है कि ठंड के मौसम और ठंडे इलाकों में शिशॠको गरम रखने के लिठसरसों के तेल का ही इसà¥â€à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जाता है।
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लहसà¥à¤¨ की कà¥à¤› कलियां लें और उसे सरसों के तेल में डालकर हलà¥â€à¤•ा गरà¥à¤® कर लें। अब तेल के थोड़ा ठंडा होने पर शिशॠकी छाती पर लगाà¤à¤‚। इस तरह शिशॠमें खांसी और जà¥à¤•ाम को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इसमें आप लहसà¥à¤¨ की जगह तà¥à¤²à¤¸à¥€ की पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ à¤à¥€ डाल सकते हैं।
सरसों के तेल में à¤à¤‚टीफंगल और à¤à¤‚टीबैकà¥â€à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² गà¥à¤£ होते हैं। इससे मालिश करने पर बचà¥â€à¤šà¥‡ को तà¥â€à¤µà¤šà¤¾ संकà¥à¤°à¤®à¤£ से सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ मिलती है। सरसों का तेल शिशॠको कई तरह के सà¥à¤•िन इंफेकà¥â€à¤¶à¤¨ से बचाने में मदद करता है।
शिशॠके बालों की गà¥à¤°à¥‹à¤¥ में सà¥à¤§à¤¾à¤° के लिठसरसों का तेल बहà¥à¤¤ असरकारी होता है। रोज बालों और सिर की इस तेल से मालिश करने से बालों की गà¥à¤°à¥‹à¤¥ अचà¥â€à¤›à¥€ होती है।
सरसों का तेल बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को मचà¥â€à¤›à¤°à¥‹à¤‚ के काटने से à¤à¥€ बचाता है। इस तेल की तेज गंध शिशॠको मचà¥â€à¤›à¤°à¥‹à¤‚ से दूर रखती है।
सरसों के तेल में कई à¤à¤‚टीबैकà¥â€à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² गà¥à¤£ मौजूद हैं और यही वजह है कि इस तेल की मालिश से बचà¥â€à¤šà¥‡ की सà¥à¤•िन सà¥â€à¤µà¤¸à¥â€à¤¥ रहती है और तà¥â€à¤µà¤šà¤¾ पर किसी तरह का कोई संकà¥à¤°à¤®à¤£ नहीं होता है।
शिशॠको अकà¥â€à¤¸à¤° फंगल इंफेकà¥â€à¤¶à¤¨ हो जाता है जाे कि बहà¥à¤¤ परेशानी पैदा करता है। अगर आप अपने बचà¥â€à¤šà¥‡ की सरसों के तेल से मालिश करते हैं तो फंगल इंफेकà¥â€à¤¶à¤¨ का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है।
आप शिशॠको इस तेल का जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ से जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ लाठदिलाने के लिठनिमà¥â€à¤¨ तरीकों से पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— कर सकते हैं।
पहले तेल को उबाल लें और फिर उसे ठंडा कर के à¤à¤• बोतल में à¤à¤° लें। नहाने से पहले रोज इस तेल से शिशॠके सिर और शरीर की मसाज करें।आप चाहें तो इसà¥â€à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² से कà¥à¤› मिनट पहले आवशà¥â€à¤¯à¤•तानà¥à¤¸à¤¾à¤° तेल गरà¥à¤® कर के à¤à¥€ पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— कर सकती हैं।सरसों के तेल में अजवाइन उबालकर उसे ठंडा होने दें। अब इसे तेल से शिशॠकी मालिश करें।आप सरसों के तेल में लहसà¥à¤¨ की कलियां या तà¥à¤²à¤¸à¥€ की पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ डालकर à¤à¥€ गरà¥à¤® करके इसà¥â€à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कर सकती हैं।
सेंसिटिव और रूखी तà¥â€à¤µà¤šà¤¾ के लिठऑयल
अगर आपके बचà¥â€à¤šà¥‡ की तà¥â€à¤µà¤šà¤¾ बहà¥à¤¤ नाजà¥à¤• और रूखी रहती है तो उसकी निमà¥â€à¤¨ तेलों से मालिश करने से लाठहोगा।
टी टà¥à¤°à¥€ ऑयल : ये पॉलीअनसैचà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤¡ ऑयलà¥â€à¤¸ से यà¥à¤•à¥â€à¤¤ होता है जो कि शिशॠकी तà¥â€à¤µà¤šà¤¾ के लिठबहà¥à¤¤ फायदेमंद है। इसमें लिनोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ उचà¥â€à¤š मातà¥à¤°à¤¾ में होता है। इसके अलावा टी टà¥à¤°à¥€ ऑयल में à¤à¤‚टीसेपà¥à¤Ÿà¤¿à¤• गà¥à¤£ à¤à¥€ होते हैं। किसी अनà¥â€à¤¯ कैरियर ऑयल के साथ टी टà¥à¤°à¥€ ऑयल की कà¥à¤› बूंदें मिलाकर शिशॠकी मालिश करें। Tea tree oil for massage
कैमोमाइल ऑयल : सेंसिटिव सà¥à¤•िन और सà¥à¤•िन रैशेज में कैमोमाइल ऑयल बेसà¥â€à¤Ÿ रहता है। ये तेल कोलिक बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को आराम देता है और अचà¥â€à¤›à¥€ नींद लाने में मदद करता है।
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